बाजार ने दिया सुपरहिट फिल्म का मसाला

बॉलीवुड को आज शेयर बाजार से सुपरहिट फिल्म का एक जोरदार फॉर्मूला मिल गया होगा। जिसके बॉक्स ऑफिस तोड़ देने की पूरी गारंटी है। चिदंबरम जैसा हीरो जिसने खुद ही फिल्म की पटकथा लिखी हो। दामोदरन जैसा बेहतरीन निर्देशक, जिसने पटकथा को परदे पर खूबसूरती से उतार दिया। और, फिल्म में FII कलाकार के रोल में थे तो पी नोट जैसा आइटम सांग भी था। कुछ ऐसा ही आज बाजार में देखने को मिला।
सेंसेक्स फिर 19,000 के करीब पहुंच गया है। करीब 300 प्वाइंट नीचे रह गया है। दरअसल आज सुबह बाजार में जो बरबादी शुरू हुई थी। उससे तो यही लग रहा था कि आज सेंसेक्स-निफ्टी गिरने के मामले में सारे रिकॉर्ड तोड़ देंगे। लेकिन, मुस्कुराते हुए चिदंबरम का बयान आया कि शाम तक सब सामान्य हो जाएगा, ठीक वैसा ही हुआ। यानी, सुबह खुलते ही 1,500 प्वाइंट से ज्यादा गिरने वाला सेंसेक्स और करीब 10 प्रतिशत तक गिरने वाला निफ्टी में थोड़ी गिरावट ही बची रह गई। 19,000 पर पहुंचे सेंसेक्स और 5,000 के ऊपर पहुंचे सेंसेक्स निफ्टी के लिए 300 और 100 प्वाइंट के आसपास की गिरावट अब मामूली ही रह गई।
खैर, अगर कल रात से आज यानी मंगलवार रात से बुधवार रात तक का घटनाक्रम देखें तो, सब कुछ फिल्मी ड्रामे जैसा लगता है। चिदंबरम की लिखी पटकथा (स्क्रिप्ट) के मुताबिक ही सब कुछ हुआ। बाजार डरा, FII सहमे, छोटे निवेशक बरबादी के कगार पर खड़े नजर आए, बुधवार को बाजार में बवंडर उठता दिखा लेकिन, अचानक हिंदी फिल्मों की तरह परदे पर फिल्म के नायक यानी चिदंबरम ने एंट्री ली और सब कुछ बढ़िया होने लगा।
फटेहाल दिख रहे सेंसेक्स-निफ्टी के घर की चूती दीवारों पर नेरोलक पेंट लग गया। बढ़िया जेपी सीमेंट की मजबूत दीवार बन गई। निवेशकों का भरोसा लौटा और फिर सें सेंसेक्स-निफ्टी में भेड़ की जगह सांड़ दौड़ने लगे। सेंसेक्स के 11,000 पर पहुंचने के साथ ही ये बात RBI गवर्नर रेड्डी बार-बार कह रहे थे कि ये बिना पहचान बताए शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों पर रोक जरूरी है। लेकिन, तब मनमोहन-चिदंबरम की जादुई जोड़ी के सामने 10 प्रतिशत की विकास दर के नजदीक पहुंचने की चिंता थी। इसलिए बाजार की रफ्तार भी जरूरी थी।
भले ही बाजार में लगने वाले पैसे के बारे में किसी को कुछ पता ही न हो। अब अगर शेयर बाजार में ओसामा बिन लादेन या दाउद इब्राहिम भी पैसा लगाना चाहें तो, धीरे से लगा सकते हैं सरकार को पता भी नहीं चलेगा। हो, सकता है लगा ही हो। शेयर बाजार में ऐसे पैसे से देश की सुरक्षा को खतरे के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नारायणन पहले कई बार चिंता जता चुके हैं।
दरअसल आज एक इशारे से बाजार को तबाह करने वाले पार्टिसिपेटरी नोट्स के जरिए बाजार में पैसा लगाने वाले विदेशी निवेशकों के लिए अपनी पहचान बताना भी जरूरी नहीं होता है। साफ है फिर ये रास्ता काली कमाई के लिए सबसे आसान है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तीन साल पहले FII के जरिए शेयर बाजार में 31,000 करोड़ से कुछ ज्यादा पैसे बाजार में लगे थे। इस समय 3,50,000 करोड़ से भी ज्यादा बाजार में FII’s का है।
अब आप समझ सकते हैं कि शेयर बाजार की इस तेजी में देसी निवेशकों को कितना फायदा हो रहा है। वैसे, एक बात और सामने आ रही है कि देश की काली कमाई FII’s के जरिए शेयर बाजार में लग रही है। ज्यादातर जानकार पी-नोट के जरिए FII’s के बाजार में पैसा लगाने पर लगाम के सेबी के फैसले को बाजार के लिए बेहतर बता रहे थे फिर चिदंबरम को और दामोदरन को सफाई क्यों देनी पड़ी।
मंगलवार देर रात सेबी को ऐसा फैसला लेने की क्या जरूरत थी जिस पर प्रतिक्रिया देने के लिए बाजार के सट्टेबाजों को पूरा समय मिल गया। दामोदरन ने मंगलवार रात को ही ये सफाई क्यों नहीं दी। डेढ़ हजार प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट के बाद कहां से इतनी खरीद हुई कि सूख गए सेंसेक्स में फिर हरियाली लौट आई।
वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पहले से ही 10.30 बजे की प्रेस कांफ्रेंस तय कर रखी थी। प्रेस कांफ्रेंस करते समय चिदंबरम के चेहरे पर चिंता के कोई भाव नहीं थे। चिदंबरम ने कहा शाम तक सब ठीक हो जाएगा और ठीक हो गया। इससे क्या संकेत माने जाएं। वैसे, एक और बात जो आज दिन भर सबसे ज्यादा चर्चा में रही कि इस समय बाजार में सीधे और FII’s के जरिए बड़े नेताओं के करोड़ो लगे हुए हैं। यानी फिल्म अभी पूरी नहीं हुई है। इसका पार्ट-2 भी जल्द ही देखने को मिलेगा।