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Showing posts from October, 2010

ये चीन की तरक्की की असली कहानी है

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इस तरह की कहानी चीन से निकलकर कम ही आती है। लेकिन, इसे पूरी दुनिया को जानना बेहद जरूरी है। चीन की तरक्की की कहानी दुनिया अकसर कहती रहती है। लेकिन, ये किस कीमत पर मिल रही है ये कभी-कभी ही चर्चा में आता है। कभी-कभी भारत में भी हम लोग ये कहकर कि चीन जैसी तरक्की हो तो, तानाशाही में भी क्या दिक्कत है। हम तरक्की तो कर लेंगे। लेकिन, इस तरह की चीनी तरक्की के फॉर्मूले को समझकर शायद हममें से जो, लोग चीन की तरह बनने-बनाने का सपना देख रहे हैं वो, थोड़ा दूसरा सपना देखना शुरू कर दें।

चीन के Siming इलाके में सारी मानवता को जलील कर देने वाली घटना हुई है। चीनी परिवार नियोजन अधिकारियों ने एक गर्भवती महिला के 8 माह के बच्चे की पेट में ही खतरनाक इंजेक्शन देकर हत्या कर दी। Luo Yanquan कंस्ट्रक्शन वर्कर हैं और उनके पहले ही एक 9 साल की बेटी है। और, डब चीन के Siming  के परिवार नियोजन अधिकारियों को पता चला कि Luo Yanquan  की पत्नी Xiao Aiying फिर से गर्भवती है तो, सिर्फ एक बच्चे की तानाशाही नीति के तहत उन्होंने जबरदस्ती उसकी भ्रूण हत्या की कोशिश की। पेट में बच्चे के 8 महीने पूरे हो चुके थे। लेकिन, किसी भी बा…

अयोध्या को इस नजरिए से देखिए

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अयोध्या की विवादित जमीन श्रीरामजन्मभूमि है या नहीं- इस पर 30 सितंबर को आए अदालत के फैसले के बाद लगने लगा था कि देश सचमुच 1992 से काफी आगे बढ़ चुका है और अब इस मुद्दे पर राजनीति की संभावना बिल्कुल नहीं है। लेकिन, अयोध्या के एतिहासिक फैसले के चंद घंटों बाद ही धीरे-धीरे फिर से ये मसला साफ होने लगा कि देश भले ही 1992 से काफी आगे बढ़ चुका हो लेकिन, देश चलाने वाले या फिर इसे चलाने की चाह रखने वाले देश को इतना आगे जाने देने का मन नहीं बना पाए हैं। देर शाम तक धीरे-धीरे सदभाव वाले बयान तीखे होने लगे और ये साफ दिखने लगा कि फिलहाल अयोध्या के लिए सीता के श्राप से मुक्त होने का समय नहीं आया है। ये किंवदंती है कि जब सीता को अयोध्या छोड़ना पड़ा तो, उन्होंने कहाकि जो अयोध्यावासी उनके ऊपर हो रहे अन्याय के खिलाफ नहीं खड़े हो पा रहे हैं उन्हें समृद्धि-खुशहाली नहीं मिल सकेगी।

अब बार-बार जो ये कहा जा रहा है कि देश 1992 से बहुत आगे निकल चुका है यानी अब धर्म और मंदिर-मस्जिद के नाम पर कुछ नहीं होगा। अब मुद्दा विकास का है। और, नौजवान इस मुद्दे से भटकने को तैयार नहीं है। और, सच्चाई भी यही है कि अगर इसी नजरिए…