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कक्षाओं में पढ़ने से अब वंचित न रहें बच्चे

हर्ष वर्धन त्रिपाठी ऑनलाइन कक्षाएँ और बच्चों का भविष्य पहली सितंबर से देश में उन राज्यों में जहां मामले नियंत्रण में हैं , विद्यालय खुल गए हैं , लेकिन अभी भी माता - पिता अपने छोटे बच्चों को विद्यालय भेजने से बच रहे हैं। कुछ डर , कुछ आशंका अभी भी बनी हुई है। देश में टीकाकरण का कार्यक्रम भले ही बहुत तेज़ी से चल रहा हो , लेकिन यह सारी तेज़ी वयस्क लोगों के लिए है। 18 वर्ष से ऊपर के लोगों का टीकाकरण कार्यक्रम देश के लोगों को भरोसा दे रहा है कि अब सावधानी के साथ सामान्य तरीक़े से व्यवहार हो सकता है। उद्योग - धंधे , हर तरह का कामकाज , यहाँ तक कि लोगों का घूमना - टहलना भी अगर तेज़ी से बढ़ा है तो इसी तेज़   टीकाकरण की वजह से यह विश्वास बना हुआ है , लेकिन विद्यालय खोलने पर एक मज़बूत तर्क आ रहा है कि अभी तक न तो बच्चों को टीका लगना शुरू हुआ है और न ही यह पता है कि कब तक विद्यालय जाने वाले सभी बच्चों को टीका लगाने का कार्यक्रम पूरा हो सकेगा।
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