हरामीपना सर्च मारोगे तो, जॉर्ज बुश की जगह मुशर्रफ का नाम आएगा

जैसी घटनाएं साल भर घटती रहती हैं उसी समय अगर वो सब उसी तरह से गूगल अंकल के सर्च इंजन में जुड़ जाए तो, कौन सा शब्द खोजने पर क्या मिल सकता है। ये मैंने 2007 जाते-जाते खोजने की कोशिश की है।

हरामीपना सर्च मारोगे तो, जॉर्ज बुश की जगह मुशर्रफ का नाम आएगा

हिंदुत्व की वकालत करने वाले सबसे बड़े नेता को खोजोगे तो, लाल कृष्ण आडवाणी की जगह नरेंद्र मोदी का नाम आएगा

विहिप का वजूद अब कहां बचा है ये जानने की कोशिश करोगे तो, राम की अयोध्या के आसपास कहीं नहीं मिलेगा। अब वो राम के पुल से पार उतरने की कोशिश करते दिखेंगे, तमिलनाडु से लंका के बीच कहीं

सांप्रदायिक हमला सर्च करोगे तो, एम एफ हुसैन ‘फटी पेंटिंग’ के साथ नहीं अब तसलीमा नसरीन ‘द्विखंडिता’ के साथ मिलेंगी

सबसे बड़े ब्लैकमेलर खोजोगे तो, मुशर्रफ के साथ लेफ्ट पार्टियों के नेता नजर आएंगे

बरबाद सड़कें खोजोगे तो, अब बिहार में नहीं बंबई में मिलेंगी

दलित उत्थान प्रणेता के बारे में जानना चाहोगे तो, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जगह अब सुश्री मायावती की जीवनी और फिल्में दिखेंगी

चाणक्य खोजोगे तो, कलजुगी चाणक्य सतीश चंद्र मिश्रा का नाम आएगा

स्टिंग ऑपरेशन की खोज करने पर आजतक या स्टार न्यूज की जगह अब लाइव इंडिया चमकेगा

राजनीतिक विरासत सर्च मारोगे तो, सोनिया, राहुल गांधी के साथ मुस्कुराती दिखेंगी और पड़ोसी पाकिस्तान में बेनजीर खुदा के घर से बिलावल को आसिफ जरदारी की हिफाजत में देख खुश हो रही होंगी

नरसंहार खोजने पर गुजरात की जगह नंदीग्राम का नाम चमकता दिखेगा

शैया पर पड़े भीष्म पितामह खोजने पर अटल बिहारी वाजपेयी नजर आएंगे


आप सभी को Happy new year 2008