हर रोग का प्राकृतिक निदान

मीडिया चौपाल के बाद मेरे दाहिने प्रमोद वर्मा, बीके कुठियाला, अनिल सौमित्र
मीडिया चौपाल में शामिल होने के लिए 2 दिन भोपाल में था। मीडिया चौपाल में काफी कुछ नए मीडिया को लेकर बात हुई। विज्ञान को कैसे नए मीडिया में बेहतर तरीके से जगह मिले। लोगों को विज्ञान के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिली इस पर भी बात हुई। और ब्लॉगरों, सोशल मीडिया के संचालकों के बीच विज्ञान की बात होने की वजह साफ थी। इस पूरे आयोजन को कराने का जिम्मा पिछले साल की तरह इस साल भी मध्य प्रदेश के विज्ञान तकनीकी परिषद (MPCOST) ने ले रखा था।

2 दिन उसी परिसर में हम लोग रहे और इस परिसर में ही एक छोटा सा बगीचा भी था। इस बगीचे पर नजर गई तो मानव स्वास्थ्य हर्बल उद्यान जैसा कुछ लिखा था। इसमें बाकायदा शरीर के अलग-अलग अंगों के बारे में और उन अंगों में विकार के लिए कौन से प्राकृतिक तरीके से चिकित्सा हो सकती है। उसा भी संकेत था। अच्छा लगा कि कि विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद के परिसर में इस तरह का हर्बल उद्यान है। उत्सुकता बढ़ी तो बगीचे में जाकर घूमे। देखने से लगा कि काफी कुछ तो हम लोग भी जानते हैं कि इस पौधे-पेड़ से इस रोग का निदान हो सकता है। लेकिन, उस बगीचे का पूरा चक्कर मारने पर समझ में ये आया कि प्रकृति ने खुद ही सारा इंतजाम कर रखा है। कहीं जाने की जरूरत ही नहीं है। जाहिर है प्रकृति का इंतजाम है तो प्राकृतिक तरीके से ही उसका असर भी होगा।

बगीचे के अंदर की कुछ तस्वीरें भी लगा रहा हूं। लेकिन, एक बात अखरी कि छोटा उद्यान था। लेकिन, फिर भी ये महत्वपूर्ण है।