बच्चे-बच्चे को जो बात पता है वो, सीएम साहब को नहीं पता!

बहुत गलत हुआ। करण जौहर को राज ठाकरे के घर माफी मांगने नहीं जाना चाहिए था। करण को सीधे थाने जाना चाहिए था। थाने जाना चाहिए था- किसलिए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण साहब कह रहे हैं कि राज ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के खिलाफ करण जौहर को पुलिस थाने में जाकर रिपोर्ट लिखानी चाहिए थी। क्या रिपोर्ट लिखाते कि राज ठाकरे को wake up sid! में बांबे को बांबे कहने पर एतराज है। अब वो कह रहे हैं कि मुंबई करो।


अच्छा मान लो कि करण जौहर ये रिपोर्ट लिखा भी देते तो, क्या होता। होता ये कि चुनावी मौसम में MNS के लफंगे कार्यकर्ताओं को गुंडागर्दी का मौका मिल जाता वो, मराठी माणुस का स्वाभिमान बचाने के झूठे तर्क के नाम पर। आप क्या कर पाते चव्हाण साहब कुछ नहीं। बस इतना हो पाता कि राज और उद्धव दोनों मराठी माणुस को लेकर लड़ते तो, कट्टर मराठी माणुस वोटबैंक बंट जाता और आपकी कांग्रेस फिर से सत्ता में आ जाती। इसके अलावा थोड़ा बहुत ये होता कि एकाध घंटे के लिए शायद राज ठकरे को अदालत तक ले जाया जाता। बिना दमड़ी खर्च किए राज ठाकरे को चुनाव के समय निर्विरोध घंटों की टीवी कवरेज लाइव मिल जाती।


अगर आपको अब भी ये भ्रम है कि राज ठाकरे की गुंडागर्दी के खिलाफ आप कुछ कर पाने की हैसियत में हैं तो, मामलों की तो, फेहरिस्त है। क्यों, कुछ कर नहीं पा रहे हैं। अभी ताजा मामले को ज्यादा समय नहीं हुआ है जब एक मराठी महिला के शादी से इनकार करने पर राज ठाकरे की MNS शैतानों ने मिलकर उसके साथ बलात्कार किया फिर उसे आग के हवाले कर दिया। MNS के गुंडों की नीच हरकत की ये कोई पहली घटना नहीं है। और, अब तो, आप मुख्यमंत्री हैं भूल गए क्या कि आपके पहले के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख- जो, अपने को शरद पवार से भी बड़ा मराठा क्षत्रप साबित करने की हर कोशिश में जुटे रहते हैं- के समय राज ठाकरे ने क्या नंगा नाच किया था।


कई दिनों की मारामारी के बाद गिरफ्तारी भी हुई तो, गेस्ट हाउस में ससम्मान रखा गया। विक्रोली की अदालत में आते-आते जैसे सरकार ने आत्मसमर्पण सा कर दिया था कि महाराष्ट्र में भले कांग्रेस की सरकार है। सड़कों पर राज का ही राज चलेगा। राज ठाकरे की गिरफ्तारी और जमानत के कांग्रेसी स्क्रिप्टेड ड्रामे का सच लाइव टेलीविजन के जरिए पूरे देश ने देखा। कांग्रेस-NCP का घोषणा पत्र कह रहा है कि 2012 तक पूरे राज्य में बिजली नहीं कटेगी। महाराष्ट्र में गलती से एक बार सत्ता में पहुंचे शिवसेना-भाजपा गठजोड़ की सरकार छोड़ दें तो, लगातार कांग्रेसी ही राज कर रहे हैं। ऐसे कांग्रेसी शासन में महाराष्ट्र का असली हाल खुद ही पढ़ लीजिए तब कांग्रेसी वादों पर भरोसा कीजिए।


नए साल पर गुजरात की एक युवती के साथ हुए हद दर्जे की नीचता और उसके बाद ऐसे संवेदनशील मुद्दे को भी राज ठाकरे ने मराठी-उत्तर भारतीय बना दिया था। उस समय भी कांग्रेसी सरकार कुछ करने के बजाए राज ठाकरे को शांत करने में जुट गई थी। अब मुख्यमंत्री चव्हाण कह रहे हैं तो, शायद इसलिए कह रहे होंगे कि करण जौहर तो बड़े आदमी हैं उनकी इज्जत तो सरकार बचा लेती। लेकिन, भइया करण जौहर बहुत पैसा लगाकर फिल्म बनाते हैं। धंधा करते हैं जानते हैं कि जब पूरी मुंबई को राज ठाकरे के गुंडे बंधक बना सकते हैं तो, सिर्फ सिनेमाहालों में तांडव कितनी बड़ी हात है। जया बच्चन ने सही कहाकि करण जौहर ने सही काम किया। आखिर पहले बच्चन परिवार भी तो, राज ठाकरे की आग में झुलस चुका है। वो, भी कोई छोटे लोग तो, थे नहीं। सरकार निकम्मी हो तो क्या छोटा-क्या बड़ा सबको अन्याय सहना पड़ता है। महाराष्ट्र में तो बहुत सालों  से यही चल रहा है।