ये मानेगी नहीं जब करेगी नंगई ही करेगी

बहुत दिनों से आपके घर में कोई झगड़ा नहीं हुआ। बहुत दिनों से आपके परिवार के लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ साजिश रचनी बंद कर दी है। बहुत दिनों से पड़ोसी के परिवार को देखकर आप बेवजह ईर्ष्या नहीं कर रहे हैं तो, परेशान मत होइए। भारतीय टेलीविजन इतिहास की सबसे बड़ी अदाकारा फिर से अपनी सारी अदा के साथ वापसी कर रही है।


एकदम सही पहचाना आपने- ये हैं क . क . क किरन नहीं। क . क . क K फैक्टर वाली एकता कपूर। वही अपने चिरयुवा जीतेंदर बाबू की काबिल बिटिया। अब एकता कोई ऐसा सीरियल बनाने जा रही हैं जिसमें सिर्फ नंगई होगी। क्यों-क्योंकि, सास-बहू की लड़ाई, पति-पत्नी के ढेरो अवैध संबंधों की चाशनी में भी कपूर साहिबा के धारावाहिक कोई देख नहीं रहा है। सब रियलिटी शो देख लेते हैं या फिर बालिका वधू या लाडो को देख ले रहे हैं।


एकता कपूर दुखी हैं कि सारे टेलीविजन दर्शकों ....
को क्या हो गया है। टेलीविजन तो समाज को आगे ले जाने के लिए होता है। ये क्या सारे दर्शक इतनी तेजी से बैकवर्ड हो गए कि बुढ़िया दादी की बातों को सुन रहे हैं। महंगी साड़ी-गहनों से लदी हर वक्त साजिश करती सासों-बहुओं-ननदों को कोई भाव ही नहीं दे रहा है। पता नहीं ऐसा कोई सर्वे तो हुआ नहीं है और शायद हो भी नहीं सकता क्योंकि, इस सर्वे के नतीजे किसी प्रोडक्ट के बिकने में तो मदद करेंगे नहीं। लेकिन, मेरी निजी राय है कि एकता कपूर के धारावाहिक देश मे जितने घरों में कलह का कारण (वही K फैक्टर) बने होंगे वो, भी अपने आप में एक इतिहास होगा।


एकता का महाभारत-- नहीं याद आया। याद भी कैसे आएगा। टैटू गुदवाए-बॉडी कै पैक्स दिखाते कपूर साहिबा की कलियुगी महाभारत के कैरेक्टरों (यहां भी वही K फैक्टर) को किसी ने पसंद ही नहीं किया। अब कपूर साहिबा दर्शकों को आगे के लिए तैयार करने जा रही हैं। कोई सीरियल है जिसकी पहली योग्यता कम कपड़े पहनना और एक दूसरे को किस करना है। एकता के इस प्रोजेक्ट के हेड विकास गुप्ता भी मान रहे हैं कि हां कम कपड़े और किस करने की बात तो हुई थी। smooching (जोर से किस) करने की बात नहीं कही गई। अब मुझे समझ में नहीं आता कि जब ये साबित हो चुका है कि बाजार और अच्छे के बीच संतुलन आसानी से बैठाया जा सकता है। और, इसके आंकड़े भले नहीं आए हैं लेकिन, मुझे पूरा भरोसा है कि शुरुआती hype के बाद अब सच का सामना करने वाले दर्शक भी गिनती के ही बचे होंगे।


अब आप समझ सकते हैं कि एकता कपूर क्या बनाने-दिखाने जा रही हैं। उनके ऑडीशन से खाली हाथ लौटी तृप्ति शुक्ला ने दिल्ली टाइम्स को बताया कि ऑडीशन में जो करने को कहा जा रहा था वो, करना उसके लिए मुश्किल था। तृप्ति ने ये भी बताया कि ऑडीशन के लिए उसका चयन होने का जब फोन आया तभी कहा गया कि जरा कम कपड़े में आना। तृप्ति के साथ कई लड़कियों ने ऑडीशन में आगे बढ़ने से मना कर दिया। लेकिन, करीब 200 जोड़े ऑडीशन की इस बाधा को हंसते-मुस्कुराते-किस करते क्रॉस कर गए। अब आप खुद ही समझ लीजिए- टीवी पर नया धमाका क्या होगा। एकता जी माफ कीजिए हम जैसे लोग तो पिछड़े ही अच्छे। पहले भी आपके K फैक्टर के प्रभाव से बचा ही था। आगे भी ऐसे ही रहूंगा, भई आप लोग भी देख लो- मेरी तरह बैकवर्ड रहना है या एकताजी के साथ आगे के जमाने के लिए तैयार होना है।