हमें सत्ता देने के लिए तुम मर जाओ!!!

ये साबित हो गया तो, राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी कालिख होगी। आंध्र प्रदेश के जनप्रिय नेता YSR Reddy की दुखद मौत के बाद हिला देने वाला सच सामने आ रहा है। उनकी मौत की घटना के तुरंत बाद करीब डेढ़ सौ लोगों के आत्महत्या करने, सदमे से मरने की खबर थी। अब तक ये आंकड़ा चार सौ के ऊपर बताया जा रहा है।


लेकिन, अब चौंकाने वाली खबर (मुझे तो खबर सुनने के बाद ही घिन सी आ रही है) ये आ रही है कि जगन सेना- ये वो गुलामों की ब्रिगेड है जो, YSR Reddy के बेटे जगनमोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए अभियान चला रही है। बाप की मौत के बाद उसकी आत्मा की शांति का प्रयास करने के बजाए जगन आंध्र प्रदेश की ज्यादा से ज्यादा मौतों को अपने बाप की दुखद मौत का साझीदार बनाने की कोशिश कर रहा है। अब इन सबकी आत्मा को शांति कैसे मिल पाएगी।


खबर ये आ रही है कि YSR Reddy की मौत के बाद राज्य भर में जितनी भी मौतें हुईँ। उन सबको रेड्डी के बाद के दुखद असर के तौर पर प्रचारित करने की कोशिश हो रही है। सबसे घिनौनी बात ये कि इसमें रेड्डी के गुलाम अफसर भी मदद कर रहे हैं। खुद जिला कलेक्टर किसी भी कारण से मरने वाले लोगों के घर जाकर ये जानने या कहें कि साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि मरने से ठीक पहले रेड्डी का अंतिम संस्कार तो, नहीं देखा था या फिर YSR Reddy के मरने की खबर तो नहीं सुनी थी।