लीजिए मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी


मायावती ने आज ये कहकर सबको चौंका दिया कि उन्होंने अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है। मायावती ने ये भी कहाकि उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी दूसरी पार्टियों की तरह उनके परिवार से नहीं होगा। ये एक तरह से सीधी चोट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर है।

मायावती ने ये एलान लखनऊ बसपा की रैली में किया। मायावती ने दहाड़कर कहाकि उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी एक सामान्य दलित परिवार के घर से होगा। और, उसमें भी वो चमार जाति से है। उसे वो पिछले कुछ सालों से तैयार कर रही हैं लेकिन, उसका नाम उनके मरने या गंभीर रूप से बीमार होने की स्थिति में ही सबको पता चलेगा। साथ ही उन्होंने ये भी कहाकि उसका नाम उनके अलावा सिर्फ दो लोगों को पता है।

अब मायावती से 18 साल छोटा उनका ये राजनीतिक उत्तराधिकारी सचमुच कहीं है या फिर वो सिर्फ शगूफा छोड़ रही हैं। क्योंकि, वो अभी नाम किसी को नहीं बताने जा रहीं। लेकिन, इतना तो तय है कि बसपा के आंख बंदकर हाथी पर ठप्पा मारने वाले कार्यकर्ताओं को इतना संबल तो बहनजी ने दे ही दिया है कि बहनजी पर कोई विपदा आई भी तो, दलित समाज का एक नया भाईजी उनकी अगुवाई के लिए तैयार है।

वैसे सबको भले ही ये लग रहा हो कि मायावती अपनी मृत्यु के बाद या गंभीर बीमारी की ही स्थिति में अपने उत्तराधिकारी का नाम बताएंगी। मुझे लगता है कि दिल्ली की गद्दी पर टकटकी लगाए बैठी मायावती खुद के प्रधानमंत्री की दावेदारी पक्की करके किसी को यूपी की गद्दी सौंपने का इंतजाम कर रही हैं।