हालांकि ये संभव नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दें। दे देंगे तो उससे मुझे कोई एतराज भी नहीं है। लेकिन, दिल्ली पुलिस तो देश की ही होनी चाहिए। दिल्ली के होने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कैसे सोचते हैं मुझे नहीं पता लेकिन, यही दिल्ली पुलिस जिसकी वजह से नोएडा से मयूर विहार पहुंचते ही सीट बेल्ट लग जाती है। डी पी यादव जैसों की गुंडई खत्म हो जाती है। मीडिया बताकर हम पत्रकार भी यातायात नियम नहीं तोड़ सकते। गलत हो गया तो विधायक, सांसद सब दिल्ली पुलिस से बचते हैं। इसे आम आदमी पार्टी के विधायकों की कृपा पर नहीं छोड़ा जा सकता। ये नया VIP कल्चर होगा। और अरविंद इसी वीआईपी संस्कृति के खिलाफ तो लड़ते रहे हैं। दिल्ली पुलिस की जेड प्लस सिक्योरिटी नहीं चाहिए लेकिन, पूरी दिल्ली पुलिस की कमान अपने हाथ में चाहिए। ये किस तरह से वीआईपी कल्चर खत्म कर रहे हैं अरविंद केजरीवाल। कृपा करके इसे दूसरे राज्यों की तर्ज पर बताकर तर्क मत देने लगिएगा। #DelhiDecides 7 RCR
देश की दशा-दिशा को समझाने वाला हिंदी ब्लॉग। जवान देश के लोगों के भारत और इंडिया से तालमेल बिठाने की कोशिश पर मेरे निजी विचार
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Tarique Rahman को बांग्लादेश की जनता ने बड़ा अवसर दिया है
Harsh Vardhan Tripathi हर्ष वर्धन त्रिपाठी #Bangladesh में @trahmanbnp प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। @PMOIndia @narendramodi ने उन्हें बध...
-
हमारे यहां बेटी-दामाद का पैर छुआ जाता है। और, उसके मुझे दुष्परिणाम ज्यादा दिख रहे थे। मुझे लगा था कि मैं बेहद परंपरागत ब्राह्मण परिवार से ह...
-
आप लोगों में से कितने लोगों के यहां बेटियों का पैर छुआ जाता है। यानी, मां-बाप अपनी बेटी से पैर छुआते नहीं हैं। बल्कि, खुद उनका पैर छूते हैं...
-
पुरानी कहावतें यूं ही नहीं बनी होतीं। और, समय-समय पर इन कहावतों-मिथकों की प्रासंगिकता गजब साबित होती रहती है। कांग्रेस-यूपीए ने सबको साफ कर ...
No comments:
Post a Comment