वैलेंटाइन डे से भी गया गुजरा हो गया है गणतंत्र दिवस

सचमुच ये तुलना करने में मुझे शर्म आ रही है लेकिन, आज सुबह से रात तक मेरे पास कोई भी गणतंत्र के संदेश नहीं आया। वैसे हैपी न्यू ईयर या यहां तक कि वैलेंटाइन डे के संदेश भी मोबाइल के इनबॉक्स में भर जाते हैं। लेकिन, आज किसी ने भी मुझे गणतंत्र दिवस का संदेश नहीं भेजा। देर शाम दो संदेश आए जो, मैं नीचे लिख रहा हूं, इसके बाद मैंने ऑर्कुट की अपनी कम्युनिटी में और मेल पर और संदेश पर ढेर सारे लोगों को गणंतत्र की बधाई भेजी। और, 58 साल के गणतंत्र की मजबूती में शामिल सभी भारतीयों को सलाम और स्वाधीनता दिलाने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूं।


मेरे पास जो संदेश मोबाइल पर आया
Azaad bharat ke NALAYAK javanon agar aaj Valentine day hota to inbox full hota. Chalo jaldi se mobile uthao aur sabko wish karo. HAPPY REPUBLIC DAY.

ये संदेश ज्यादातर आपस में एक दूसरे को दोस्त भेजकर मजा लेते हैं। लेकिन, सच्चाई यही है कि देश में गणतंत्र दिवस, स्वाधीनता दिवस, शहीद कुछ इसी अंदाज में याद किए जा रहे हैं। भारतीय नववर्ष (हिंदू नववर्ष कहकर खारिज करने वाले कृपया बेवजह कुतर्क न रचें) तो शायद ही किसी को याद रहता होगा।

मैं उन लोगों में से हूं जिन्हें किसी भी खुश होने वाले दिन पर बेवजह का ऐतराज नहीं होता चाहे वो अंग्रेजों का दिया हुआ नया साल हो या फिर अंग्रेजों का दिया हुआ वैलेंटाइन डे, मदर्स डे, फादर्स डे या ऐसे ही एक दिन अपने दिल के करीब के रिश्तों को प्यार देने वाले दिनों की बात हो। लेकिन, मैं आज तक ये समझ नहीं पाया कि एक दिन किसी को किसी से प्यार कैसे हो सकता है। ये एक दिन वाले प्यार के रिश्ते उस समाज में तो समझ में आते हैं जहां 364 दिन शायद सारे रिश्तों को समय ही नहीं दिया जा सकता।

क्या हम ऐसे हो गए हैं कि हमें हमारे रिश्तों, देश की आजादी और गणतंत्र दिवस को भी याद करने का समय नहीं मिल पा रहा। इस विषय पर बहुत लिखने के लिए ही है लेकिन, संदेश इतने से ही पूरा हो रहा है इसलिए बात खत्म कर रहा हूं। एक बार फिर से हमको आजादी की सांस देने के लिए अपनी जान गंवाने वाले सभी शहीदों को श्रद्धांजलि। और, 59 साल का गणतंत्र और मजबूत होगा इस आशा के साथ सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।