सेंसेक्स 30000 पहुंचा, रफ्तार की वजहें भी जान लीजिए

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शेयर बाजार में जश्न का माहौल है। माहौल कुछ वैसा ही है, जैसा नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की उम्मीदों से था। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने 3 साल होने जा रहे हैं। फिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। Sensex सेंसेक्स बुधवार को कारोबार में 30000 के पार चला गया। 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे भी इसकी एक बड़ी वजह है। लेकिन, दूसरी कई वजहें हैं, जिस पर आपका ध्यान नहीं गया होगा।
1 जुलाई से लागू हो जाएगा जीएसटी
लम्बे समय से किन्तु-परन्तु के फेर में फंसा जीएसटी कानून अब 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसे लागू कराने के लिए जरूरी चारों बिलों को लोकसभा से पास करा लिया है। राजस्व सचिव हंसमुख अधिया का साफ कहना है कि कारोबारियों को जीएसटी के लिए तैयार होने का बहुत वक्त दिया गया है। सरकार इसे जुलाई से लागू करने जा रही है। कानून तैयार है और नियम सबको बता दिया गया है। तकनीकी बुनियादी ढांचा भी तैयार है।
कारोबार करना आसान होने की उम्मीद
जीएसटी लागू होने के बाद देश में कारोबारियों के लिए राहत की उम्मीद की जा रही है। खासकर कारोबारियों को तमाम तरह के टैक्स की वजह से अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल सकती है। माना जा रहा है कि इससे देश में कारोबार करना आसान होगा।
बजट प्रक्रिया का समय से पहले पूरा होना
इस साल नरेंद्र मोदी की सरकार ने बजट करीब एक महीने पहले पेश कर दिया। चुनाव के समय बजट पेश करने को लेकर सरकार की जमकर आलोचना भी हुई। लेकिन, अब उसके सार्थक परिणाम दिख रहे हैं। सरकार ने एक अप्रैल से पहले ही बजट प्रावधान की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सभी विभागों और मंत्रालयों का बजट अलॉट कर दिया है। अब सभी विभागों के पास बजट खर्च करने के लिए पूरे एक साल का समय होगा। साथ ही राज्यों को भी अपना बजट बनाने में आसानी होगी।
5 महीने के ऊंचे स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग
मार्च महीने में देश की फैक्ट्रियों में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि 5 महीने में सबसे ज्यादा रही है। मार्च महीने में नए ऑर्डर और बेहतर मांग की वजह से मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ी है। उत्पादन तेजी से बढ़ने की उम्मीद दिख रही है। साल के तीनों शुरुआती महीनों जनवरी, फरवरी और मार्च में मैन्युफैक्चरिंग में लगातार तेजी देखने को मिली है।
सर्विस क्षेत्र में भी आई तेजी
लगातार दूसरे महीने सर्विस सेक्टर में तेजी देखने को मिली है। नए ऑर्डर जमकर मिले हैं। Pollyanna De Lima, economist कहते हैं कि भारत के निजी क्षेत्र के कारोबार में मार्च महीने में तेज उछाल देखने को मिल रही है। मांग और उत्पादन दोनों ही बढ़ा है। विमुद्रीकरण से आई कमजोरी से बहुत तेज वापसी हुई है। रोजगार के नए मौके बन रहे हैं।
सरकारी खजाने में बढ़ी रकम
इस साल सरकार ने जबर्दस्त कर वसूली की है। सरकार की कर वसूली 18% ज्यादा रही है। ये पिछले 6 सालों में सबसे ज्यादा है। सरकार के खजाने में टैक्स के जरिए 17.10 लाख करोड़ रुपये आए हैं। प्रत्यक्ष कर 14.2% और अप्रत्त्यक्ष कर 22% बढ़ा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल इनकम टैक्स ग्रोथ 21% रही है।
रिकॉर्ड अनाज उत्पादन
इस साल रिकॉर्ड अनाज का उत्पादन होने का अनुमान है। गेहूं, दाल और चावल की पैदावार इस साल अब तक सबसे ज्यादा होती दिख रही है। 2016-17 में कुल 27.20 करोड़ टन अनाज उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है। पिछले साल से ये 8% ज्यादा है। पिछले साल 25.16 करोड़ टन अनाज की पैदावार हुई थी। इससे पहले 2013-14 में रिकॉर्ड 26.50 करोड़ टन अनाज की पैदावार हुई थी।
5 में से 4 राज्य में बीजेपी की सरकार

हाल में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को जबर्दस्त सफलता मिली है। 5 में 4 राज्यों में बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला है। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है लेकिन, लम्बे समय से उत्तर प्रदेश का देश की जीडीपी में योगदान बहुत कम रहा है। उम्मीद की जा रही है कि केंद्र और राज्य में बीजेपी की ही सरकार होने से उत्तर प्रदेश केंद्र की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करेगा।