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Monday, February 27, 2017

नानाजी देशमुख की कर्मभूमि में नए पत्रकारों के साथ 2 दिन

नानाजी देशमुख की आज पुण्यतिथि है। पहली बार हमें भी चित्रकूट में उनका खड़ा किया काम देखने को मिला। 2 दिन रहते समझ आया कि नानाजी को संघ अगर राष्ट्रऋषि कहता है तो वो सर्वथा उपयुक्त है। नानाजी ने जो किया वो देश के किसी सर्वोच्च राजनेता ने भी शायद नहीं किया है। विधायक, सांसद, प्रधानमंत्री होकर आप अधिकतम यही कर सकते हैं कि अच्छी नीतियाँ बनाकर उनके क्रियान्वयन में तेज़ी ला दें। लेकिन एक पूरे समाज के उत्थान की अवधारणा तैयार करना, चित्रकूट के ग्रामीण इलाक़े में खुद रहकर उसे स्वावलम्बन का मज़बूत आधार देने का काम कोई ऋषि ही कर सकता है। नानाजी ने दीनदयाल शोध संस्थान के माध्यम से ये कर दिखाया। लम्बे समय तक लगातार विरोधी विचार की सरकार होने से इतने बड़े काम की चर्चा भी संघ या उससे दुराग्रह न रखने वाले संगठनों के ज़रिये ही होती रही है। आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ग्रामोदय मेले के समापन के मुख्य अतिथि हैं। ये काम हिन्दुस्तान की असली विरासत को आगे बढ़ाने वाला है। नानाजी को शत शत नमन। नानाजी से कुछ हम भी प्रेरित हो सकें, इतनी ही उम्मीद।

ग्रामोदय मीडिया चौपाल में मीडिया के छात्रों से बातचीत
और उम्मीद की वजहें भी हैं। उम्मीद की वजह ये भी है कि आज पत्रकारिता के क्षेत्र में या दूसरे किसी भी क्षेत्र में जो बच्चे आ रहे हैं, उन्हें अच्छा-बुरा दोनों बहुत ज्यादा पता है। चित्रकूट के दीनदयाल शोध संस्थान परिसर में लगे अपने तरह के अनूठे मेले में बहुत कुछ देखने समझने को मिला। नानाजी ने किस साहस के साथ चित्रकूट जाकर एकदम से दंपतियों को तैयार किया होगा, ये भी अपने आपमें शोध का विषय है। दक्षिणपंथ की प्रयोगशाला के तौर पर मीडिया को इन जगहों की बात करनी चाहिए। किस तरह से दंपतियों को राष्ट्रनिर्माण मतलब ग्राम निर्माण है, ये नानाजी ने समझाया होगा। ये सब बाते हम जैसे लोगों को खींचती हैं। पहले से ही मैंने ये सोच रखा है कि साल में कम से कम 6 दिन अपने गांव जाकर रहूंगा। मैं अपना शहर इलाहाबाद भी अपने साथ लेकर ही चलता हूं। कई बार ये लोगों परेशान करता है कि मेरे अंदर इतना इलाहाबाद रहता है। कई बार अति जैसा लगता है। लेकिन, अब मैं अपने गांव को भी अपने साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहा हूं। उस कोशिश को और पक्का करने का काम चित्रकूट ग्रामोदय मेले में जाकर हुआ है। खेती, गांव से जुड़ी कोशिशों पर मध्य प्रदेश सरकार का ये मेला आयोजन शानदार पहल है। दीनदयाल शोध संस्थान के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र भी इसमें साझा आयोजक रहा।

इसी आयोजन के बीच में स्पंदन संस्था के अनिल सौमित्र ने हम सबकी सामूहिक धरोहर “मीडिया चौपाल” का भी आयोजन कर दिया। हालांकि, न कोई खास एजेंडा था और न ही हमें समझ आ रहा था कि दिल्ली और देश के दूसरे हिस्सों से चित्रकूट में जुट रहे मीडिया चौपाली क्यों करने आए हैं। लेकिन, 2 दिनों में अलग-अलग हुई बातचीत में माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार और ग्रामोदय विश्वविद्यालय के बच्चों ने उम्मीद बढ़ाई है। नए बनने वाले पत्रकार चौकन्ने हैं। वो बड़का टाइप दिखते और अभिनेता, अभिनेत्री टाइप चमकते पत्रकारों पर सवाल खूब उठा रहे हैं। वो ये भी पूछ लेते हैं कि बड़े पत्रकार दलाली ही करते हैं क्या? वो ये भी पूछ लेते हैं कि गांव की खबर सरोकारी पत्रकार भी क्यों नहीं उठाते? मैंने उन लोगों को यही कहाकि इसके लिए हमें अपने गांव को बचाना होगा, बढ़ाना होगा। गर्व के साथ वैसे ही अपने गांव का जिक्र करना होगा, उसकी फिक्र करनी होगी, जैसे लोग दिल्ली-मुंबई या दुनिया के बड़े शहरों की करते हैं। तभी जाकर कुछ हो पाएगा। शहर में 10 साल रह गए पत्रकार से ये उम्मीद कि वो गांव की सोचेगा और हम गांव से निकलकर जल्दी से शहरातू हो जाने की कोशिश में हैं, तो कैसे हो पाएगा। हम नए पत्रकारों को भी अपने अंदर का दोगलापन छोड़ना होगा। अच्छी बात ये रही कि ग्रामोदय मीडिया चौपाल में जुटे पत्रकारिता के छात्र खुले मन से खुद को तैयार कर रहे हैं। नानाजी देशमुख के स्वावलंबी गांव की तरह स्वावलंबी पत्रकार जितने ज्यादा तैयार हो सकेंगे, समाज का उतना भला होगा। 

Saturday, February 18, 2017

दीनदयाल उपाध्यायऔर नाना जी देशमुख की जन्मशती पर बड़ा जमावड़ा

साभार- स्पन्दन फीचर्स
संघ प्रमुख डा. मोहनराव भागवत की उपस्थिति में ग्रामोदय और विकास की अवधारणा पर होगा मंथन
24 से 27 फरवरी तक चित्रकूट में ज़ुटेंगे संघ, सरकार और मीडिया के दिग्गज
गोवा की महामहिम राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा, गुजरात और मध्यप्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री ओमप्रकाश कोहली के साथ ही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित अनेक नीति-निर्धारक और विचारक उपस्थित रहेंगे।
भोपाल। इस साल दो महान व्यक्तियों का जन्म शताब्दी वर्ष है। देश वर्ष 2016-17 में एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय और इस दर्शन के शिल्पकार नानाजी देशमुख की जन्म शताब्दी मना रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में 24 फरवरी से 27  फररवरी तक चित्रकूट में ग्रामोदय मेला -प्रदर्शनी और संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यह आयोजन दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में नाना जी की सप्तम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम 24 से 27 फरवरी तक देश की विरासत, प्रगति एवं विकास को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न, विशाल ग्रामोदय मेला एवं सभी प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के ग्रामवासियों के साथ परिचर्चा, परिसंवाद, गोष्ठियां एवं प्रतियोगिताएं तथा सायंकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन दीनदयाल खेल परिसर उद्यमिता विद्यापीठ, चित्रकूट में किया जा रहा है।
इस अवसर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इसी प्रकार माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा विकास पत्रकारिता पर 7 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। स्पन्दन संस्था द्वारा संचारकों की तीन दिवसीय “ग्रामोदय मीडिया चौपाल” का आयोजन 25 से 27 फरवरी को किया जा रहा है। इन आयोजनों में वरिष्ठ पत्रकार श्री बलदेव भाई शर्मा, श्री जगदीश उपासने, प्रो. ब्रज किशोर कुठियाला, श्री राजकुमार भारद्वाज, डा. मनोज कुमार पटैरिया, श्री सोमदत्त शास्त्री, श्री आशीष जोशी, श्री हर्षवर्धन त्रिपाठी, सुश्री सीत मिश्र, सुश्री कायनात काजी, श्रीमती सरिता अरगरे, श्रीमती शैफाली पाण्डेय, श्री जयदीप कर्णिक, श्री प्रकाश हिन्दुस्तानी, श्री कृष्ण मोहन झा, सुश्री प्रियंका कौशल, श्री दिब्यांशु कुमार,  श्री शुभांशु चौधरी, श्री राकेश अग्निहोत्री, सुश्री ममता यादव, श्री उमाशंकर मिश्र,  सुश्री आशा अर्पित, श्री विजय जोशी, श्री पंकज शुक्ला सहित विभिन्न माध्यमों में कार्यरत संचारक हिस्सा लेंगे।

इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहनराव भागवत, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित देश के विभिन्‍न राज्‍यों के ग्रामीण विकास मंत्री, केन्द्रीय मंत्रियों एवं विषय विशेषज्ञ विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव अतुल जैन और संगठन सचिव अभय महाजन ने इस आशय का आमंत्रण दिया है। श्री महाजन के अनुसार दीनदयाल शोध संस्थान समाज जीवन के सभी पहलुओं पर जनता की पहल एवं पुरुषार्थ के आधार पर चित्रकूट के साथ ही देश के कई स्थानों पर राष्ट्र  संरचना का कार्य कर रहा है। 27 फरवरी 2011 से राष्‍ट्र ऋषि नानाजी की पुण्‍यतिथि के कार्यक्रम में चित्रकूट के स्थानीय एवं देशभर से गणमान्यजन प्रतिवर्ष श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

जिम में रामधुन, जन्माष्टमी प्रभाव

  सुप्रभात राम राम भारत अद्भुत है और हम भारतीय भी आमतौर पर सुबह की सैर ही मुझे रुचती है, लेकिन बीच-बीच में जिम में भी जाता हूं। जिम में ट्र...