वर्सोवा
में सफ़ाई का कमाल देखने चला गया। समन्दर किनारे तो अच्छा ही लगता है। लेकिन जो
वर्सोवा बीच सफ़ाई की मिसाल बताया जा रहा है,
उसकी ये तस्वीरें दिखीं। मन दुखी हो गया। पढ़ा था
कि किसी एक व्यक्ति की कोशिश से वर्सोवा बीच गजब का साफ हो गया है। लेकिन, वो लगता
है कि मामला अस्थाई टाइप का ही था। साफ समन्दर किनारे कुछ पल भी बिताना ताजगी का
अहसास देता है। ऐसी गन्दगी में ताजगी का अहसास भी गन्दा हो जाता है।
देश की दशा-दिशा को समझाने वाला हिंदी ब्लॉग। जवान देश के लोगों के भारत और इंडिया से तालमेल बिठाने की कोशिश पर मेरे निजी विचार
Showing posts with label वर्सोवा. Show all posts
Showing posts with label वर्सोवा. Show all posts
Sunday, June 18, 2017
Subscribe to:
Posts (Atom)
Tarique Rahman को बांग्लादेश की जनता ने बड़ा अवसर दिया है
Harsh Vardhan Tripathi हर्ष वर्धन त्रिपाठी #Bangladesh में @trahmanbnp प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। @PMOIndia @narendramodi ने उन्हें बध...
-
हमारे यहां बेटी-दामाद का पैर छुआ जाता है। और, उसके मुझे दुष्परिणाम ज्यादा दिख रहे थे। मुझे लगा था कि मैं बेहद परंपरागत ब्राह्मण परिवार से ह...
-
आप लोगों में से कितने लोगों के यहां बेटियों का पैर छुआ जाता है। यानी, मां-बाप अपनी बेटी से पैर छुआते नहीं हैं। बल्कि, खुद उनका पैर छूते हैं...
-
पुरानी कहावतें यूं ही नहीं बनी होतीं। और, समय-समय पर इन कहावतों-मिथकों की प्रासंगिकता गजब साबित होती रहती है। कांग्रेस-यूपीए ने सबको साफ कर ...
