Tuesday, August 11, 2015

ये उम्मीद से हैं

@narendramodi की सरकार अगले कम से कम दो कार्यकाल न हट पाने की आहट से जो, वैचारिक मैथुन करने वाले बंधु नरेंद्र मोदी में बहुतायत खूबियां देख पाए थे। अब फिर उनकी आंखों के चश्मे का नंबर बदल गया है। अब उन्हें नजदीक की मोदी सरकार धुंधली दिखने लगी है। दूर की राहुल गांधी की सरकार बहुत साफ-साफ। वजह ये कि कुछ आहट आई कि मोदी के लिए तो यही पांच साल असफलता के साबित हो जाएंगे। वैचारिकों के तर्क की टाइमलाइन सलीके से देख लीजिए। मेरी बात साबित हो जाएगी। दिक्कत उनकी आंखों की है लेकिन, वो कह रहे हैं कि आंख के चश्मे का नंबर नहीं बदलवाएंगे। जो दिख रहा है वही बदलिए।

No comments:

Post a Comment

भारत के नेतृत्व में ही पर्यावरण की चुनौती का समाधान खोजा जा सकता है

हर्ष   वर्धन   त्रिपाठी  @MediaHarshVT पर्यावरण की चुनौती से निपटने के लिए भारत को नेतृत्व देना होगा विकसित होने की क़ीमत सम्...