उम्मीद से होने से पहले सोचें!

महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर भाजपा के जो तीन नाम आ रहे हैं, उसे जानकार राजनीतिक, पीढ़ीगत बदलाव के तौर पर देख रहे हैं। मोदी-अमित शाह कुछ जादू करने के मूड में न हों तो, देवेंद्र फडणवीस, विनोद तावड़े और पंकजा मुडे मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। विनोद तावड़े 50 से थोड़ा ही ऊपर हैं तो देवेंद्र 40 के ऊपर और पंकजा 40 के भी नीचे। देखने में ये राजनीति नौजवानों के हाथ में आ रही है। लेकिन, महाराष्ट्र समझने वालों के लिए एक छोड़ी सी जानकारी NCP (मोदी जी के मुताबिक नेचुरली करप्ट पार्टी) मुखिया शरद पवार 37 साल की उम्र में ही राज्य के मुख्यमंत्री बन गए थे। इसलिए उम्मीद से होने पहले सोचें, तब उम्मीद से हों तो बेहतर।

और अंत में

ये जो कुछ बड़का लोग हैं। जिन्होंने नरेंद्र मोदी के समर्थक को भक्त कहना शुरू किया या कहें पूरी तरह भक्त साबित कर दिया। उन लोगों का इस मोदी लहर में बड़ा योगदान है। अब भक्त होंगे तो भगवान के लिए कुछ भी कर गुजरेंगे। कर रहे हैं। भक्त श्रृंखला बन गई है।