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Saturday, November 15, 2014

GOOGLE BLOG!

हिंदी को लेकर हम काफी हलाकान हुए रहते हैं। और इधर ये भरोसा बढ़ा है कि जब @narendramodi प्रधानमंत्री हो गए हैं तो हिंदी भी प्रधान भाषा हो जाएगी। लेकिन, जरा भारतीयों के लिए हिंदी के कंप्यूटर प्रयोग के सबसे बड़े मंच, साधन गूगल की तरफ ध्यान से देखिए। गूगल हिंदी ब्लॉगरों को विज्ञापन तो नहीं ही देता है। इसीलिए हिंदी ब्लॉगिंग सिर्फ शौक है। Google का कोई भी ऑफीशियल ब्लॉग पन्ना हिंदी में है ही नहीं। जाने कौन कौन सी भाषा में लोगों को गूगल अपनी योजनाओं, तकनीक की जानकारी दे रहा है लेकिन, भारतीयों के लिए सब अंग्रेजी में हैं। गजब है हम इत्ते अंग्रेज हो गए हैं। आप भी इस पन्ने पर जाइए और खुद देखिए।http://www.google.com/press/blog-directory.html  गूगल का जो इंडिया ब्लॉग है वो कहता है
News and Notes from Google India

Friday, December 06, 2013

खुशी!

इंदौर के एक लड़के को Google अंकल ने 3 करोड़ रुपये सालाना का प्रस्ताव भेजा है। जाहिर है इतना बड़ा प्रस्ताव आज के युग में कोई क्यों ठुकराएगा। इस लड़के की कोई रिसर्च गूगल के लोगों को जबर्दस्त पसंद आई। बेहद खुश इस लड़के की तस्वीर टीवी न्यूच चैनलों पर चमक रही है। पिता का सिर गर्व से उठा हुआ है। इस तीन करोड़ रुपये की खुशी का अंदाजा लगाना मुश्किल है। क्योंकि, टीवी स्क्रीन पर बगल बैठे पिता की शायद सारी जिंदगी की कमाई तीन करोड़ रुपये हुई हो।

और ये शकल तो नहीं देख पाया मैं। क्योंकि, लाल बत्ती पर ठीक इसके पीछे रुकना पड़ा था। मुझे। लेकिन, इसकी साइकिल की चमक मैं साफ देख रहा था। एक-एक तीली करीने से कपड़े से साफ की गई थी। साइकिल स्टैंड पर लगाकर तेज रफ्तार में घूमते पहिए पर कपड़े को उंगलियों में फंसाकर लगाया होगा तब जाकर पिछली रिम की चमक इतनी जानदार हुई होगी। पूरी साइकिल न दिख रहे चेहरे की चमक और जीवन का उत्साह बयान कर रही थी। बत्ती हरी हुई और पैडल पर दूसरा पांव पड़ा साइकिल तेजी से चौराहा पार कर गई। इसीलिए तो कहा जाता है कि खुशी खरीदी नहीं जा सकती। ऐसे ही मिलती है। कभी पहली नई साइकिल चमकाकर तो कभी 3 करोड़ रुपये सालाना का पैकेज पाकर। खुशी जो है!

जिम में रामधुन, जन्माष्टमी प्रभाव

  सुप्रभात राम राम भारत अद्भुत है और हम भारतीय भी आमतौर पर सुबह की सैर ही मुझे रुचती है, लेकिन बीच-बीच में जिम में भी जाता हूं। जिम में ट्र...