Tuesday, June 24, 2014

यादव आने वाले हैं!


अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। धीरे-धीरे करीब दो साल हो गए उनके मुख्यमंत्री हुए। मुख्यमंत्री हैं और ऐसे मुख्यमंत्री हैं कि कम से कम यादवों को तो इस बात का अहसास रहता है कि उनका राज है। और ये भरोसा इतनी आसानी से नहीं हुआ है। ये भरोसा बरसों के काम और विरासत को सहेजने से हुआ है। अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव ने भरोसा पैदा किया है। अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव, रामगोपाल यादव और परिवार के दूसरे लोगों ने मिलकर ये भरोसा पैदा किया है। ये भरोसा इस खबर से समझा जा सकता है। ऐसा भरोसा है कि जब से अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने तब से इटावा के 4 में से सिर्फ एक ही लोग बिजली का बिल भरते हैं। इससे आप ऐसे मत समझ लीजिएगा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद इटावा में चार में से तीन लोगों ने बिजली कटवा ली है। ऐसा नहीं है। वो तीन लोग बिल नहीं भरते हैं। क्यों भरें भाई। अपनी ही सरकार है। सरकार की ही बिजली है। बिल भी सरकार को ही भरना है। तो फिर काहे को सरकार को दें फिर अपने पास आए। इसलिए देते ही नहीं हैं। अब ये इटावा तो केस स्टडी है।

आजकल तो पूरे उत्तर प्रदेश का चरित्र ऐसा ही हो गया है। उत्तर प्रदेश का चरित्र कैसा हो गया है। ये अब भी नहीं समझ में आया तो इस लेख के साथ छपी तस्वीर देखिए। चरित्र समझ में आ जाएगा। उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार है। फिर भी जाने कौन से यादव लोगों के आने की मुनादी ये भाई लोग कर रहे हैं। वो भी बुलेट की नंबर प्लेट पर लिखवाकर। फिर नंबर कहां देखें। अरे किसकी जुर्रत जो, अखिलेश यादव के राज में यादवों के आने की बात बताने वाली बुलेट का नंबर या उसका कागज देखे।

No comments:

Post a Comment

नरेंद्र मोदी का साक्षात्कार जो हो न सका

Harsh Vardhan Tripathi हर्ष वर्धन त्रिपाठी काशी से तीसरी बार सांसद बनने के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2004-10 तक ...