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Friday, November 11, 2011

इन मदेरणाओं का क्या कुछ बिगड़ेगा?

राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा और भंवरी देवी
राजस्थान के पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा की नर्स भंवरी देवी के साथ रंगरेलियां मनाते चर्चित सीडी अब मीडिया के जरिए सबके सामने आ गई। और, शायद यही सबूत रहा कि अब तक भंवरी को न जानने की बात करने वाले मदेरणा ने माना कि भंवरी से उनके संबंध थे। लेकिन, अब वो कह रहे हैं कि भंवरी के गायब होने में उनका हाथ नहीं है। शक ये भी मजबूत हो रहे हैं कि भंवरी की हत्या हो गई है। कहा ये भी जा रहा है कि भंवरी देवी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने भी गुहार लगाई थी। फिर भंवरी कहां गई और किसने भंवरी को मरवाया या फिर क्या भंवरी अभी जिंदा भी हो सकती है।

खबरें हैं कि भंवरी कांग्रेस के टिकट के लिए मदेरणा पर दबाव बना रही थी। तो, क्या किसी महिला के लिए राजनीति में जाने का बिस्तर के अलावा कोई रास्ता ही नहीं बचा है। या इन नेताओं की फितरत ऐसी है क्योंकि, भंवरी की महत्वाकांक्षा रही होगी वो, टिकट चाहती होगी। नारायण दत्त तिवारी, अमरमणि से लेकर आनंदसेन तक ऐसी सेक्स स्कैंडल की ढेरों कहानियां है जिसमें नेताओं ने दूसरी महिलाओं के साथ संबंध बनाए और अपने राजनीतिक हित पर जब उन्हें भारी पड़ता देखा तो, उनसे कन्नी काट ली या उनकी जिंदगी की डोर काट दी।

गहलोत के बारे में है कि वो भले मुख्यमंत्री हैं तो, फिर क्या उन्होंने भंवरी देवी और महिपाल मदेरणा के अनैतिक संबंधों को मदेरणा को दबाने के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। एक और बात इस मामले से साफ होती है कि राजनीति में गुनाह तब तक छिपे रहते हैं जब तक नेता ताकतवर है। महिपाल मदेरणा के पिता परसराम मदेरणा भी अपने समय में राजस्थान की जाट राजनीति और कांग्रेस के बड़े नेता था। उनकी सत्ता में महिपाल को अदालत ने हत्या का भी दोषी पाया था। सवाल यही है कि ऐसे आदमी को इतने दिनों तक कांग्रेसी सत्ता क्यों पालती रही। और, ये भी कि भंवरी देवी जैसी अतिमहत्वाकांक्षी महिलाएं क्या देह के इस्तेमाल से कुछ भी करती रहेंगी। क्योंकि, कहा ये भी जाता है कि इस साधारण सी नर्स के आगे इसी ताकत की वजह से राजस्थान के बड़े-बड़े अधिकारी नतमस्तक रहते थे।

सवाल मीडिया पर भी है क्योंकि, खबरें ये भी हैं कि कई राजस्थान के मीडियाकर्मियों ने इस सीडी को उजागर करने के बजाए उसे दबाने  के लिए पैसे खाए।

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