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Showing posts from January, 2013

बीजेपी पार्टी विद द् डिफ्रेंस

वेबसाइट पर सबसे ऊपर विद डिफ्रेंस का नारा आखिरकार पूरी भद्द पिटवाकर ही सही लेकिन, भारतीय जनता पार्टी उस मुश्किल से उबर गई जो, उसके लिए खुदकुशी की राह पर जाने जैसी हो गई थी। एक ऐसा राष्ट्रीय अध्यक्ष जो, राज्य स्तर पर भी कद्दावर नेताओं में नहीं गिना जाता था वो, बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष था। वजह ये कि देश या कहें कि दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आशीर्वाद पूरी तरह से उस राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ था। काया और माया (सबसे बड़ा रुपैया) से पार्टी चलाने की गडकरी नीति आखिरकार सफल नहीं हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पूर्ण आशीर्वाद की खबरों से दूसरे-तीसरे दर्जे वाले पार्टी नेता भले ही खुलकर नितिन गडकरी के खिलाफ बोलने से बचते रहे लेकिन, जो पहली कतार में बैठने के हकदार बने हुए हैं वो, खुलकर गडकरी के नेतृत्व पर तगड़े सवाल खड़े करते रहे। बार-बार ये कहा जाता रहा और अब भी जिस तरह से गडकरी ने जाते-जाते मुंबई एयरपोर्ट पर क्लीनचिट के बाद वापस लौटकर आने वाला बयान दिया उससे लग यही रहा है कि संघ का पूर्ण आशीर्वाद अभी भी उन्हीं के साथ है। लेकिन, इस बार के अध्यक्ष बनने के

बीजेपी आजतक - ताजा स्टेटस अपडेट

ऐसे ही आज मैंने कुछ स्टेटस अपडेट्स डाले। एक बार उसे एक साथ पढ़ा तो, मुझे लगा कि ये तो, जाने-अनजाने भारतीय जनता पार्टी के ताजा हाल का विश्लेषण जैसा कुछ हो गया। ये पांचों स्टेटस एक साथ चिपका रहा हूं। क्योंकि, आज कई संयोग एक साथ बने हैं संघ के सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह लौटे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर पुराने नितिन गडकरी की ताजपोशी की रिपोर्ट आ रही है। और, फिर से संघ-बीजेपी पर हिंदू आतंकवाद का आरोप लगा है।  व्यक्ति निर्माण ही मूल सवाल दिख रहा है।   1- गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे आश्वस्त हैं कि तीसरी बार यूपीए की सरकार बन जाएगी। और , इस चुनाव में बीजेपी-संघ के शिविरों से निकले आतंकवादी वोट नहीं डालेंगे और न ही उनके सगे-संबंधी-शुभचिंतक। और , वोट डालेंगे तो , भी इतने कम हो गए हैं कि सरकार यूपीए की ही बनेगी। तो , शिंदे साहब इन आतंकवादियों के खिलाफ मुदकमे-जेल की कार्रवाई यूपीए 2 में होगी या यूपीए 3 का इंतजार करें। #rss #bjp #terrorism  2- राम जेठमलानी के बेटे Mahesh Jethmalani नितिन गडकरी के खिलाफ BJP अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ना च

असली खेल तो अब शुरू होगा !

चुनाव सिर्फ डेढ़ साल दूर रह गया है। बजट सत्र भी है। ऐसे में सरकार खुद डीजल कीमतें बढ़ाने का फैसला कैसे लेती। इसीलिए तेल कंपनियों के हवाले ये कर दिया गया। आज आधी रात से दाम बढ़ने की बात है। लेकिन, मुझे लगता है कि अगर हुई भी तो, आज सिर्फ रस्मी बढ़त होगी। खेल आगे होगा। औऱ, अच्छा ही है कम से कम बार-बार अपनी सारी असफलताओं का ठीकरा सरकार वित्तीय घाटे (सब्सिडी) के मत्थे तो नहीं मढ़ सकेगी। फिर सब्सिडी का खेल खत्म हो जाएगा तो, सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों के भी खेल पर रोक लगेगी। फॉर्च्यून 500 की लिस्ट में बनी रहेंगी क्या। जब रिलायंस इंडस्ट्रीज के रहते दूसरी किसी भी सरकारी कंपनी के किसी भी तरह से उससे आगे जाने में पसीने निकलने लगते हैं। अब सोचिए अगर तेल कंपनियों के सामने भी रिलायंस इंडस्ट्रीज आकर खड़ी हो गई तो, क्या होगा? और, मुझे तो, याद है सबको याद होगा। रिलायंस के बंद हो गए पेट्रोल पंप जब खुले थे तो, कैसे आसपास के इलाके के लोगों की आंखें चमकने लगीं थी कि अरे पेट्रोल पंप ऐसे भी होते हैं। पेट्रोल पंप तो, सरकारी तेल कंपनियों के जमाने में सिर्फ तेल भराने के लिए होते थे। हां, कुछेक जगहों पर

20000 का बाजार और यूपीए की सरकार!

क्या बाजार का मूल स्वभाव ही चोरी, सट्टेबाजी है। कल वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पहले के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के समय के एक कानून को 2016 तक के लिए टालने का एलान किया। ये कानून इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों को ज्यादा अधिकार देता है कि वो ... , विदेशियों की भारत में टैक्स चोरी के मामले की अच्छे से जांच कर सकें। तब से हंगामा मचा था। चिदंबरम ने आते ही इसे 2013-14 तक टाला था। लेकिन, इत्ते से बात नहीं बनी। अब विदेशी निवेशकों को राहत है कि ये कानून GAAR 2016 तक लागू नहीं होगा। इससे बाजार कल खूब भागा। आज भी। बाजार के काम करने की क्या यही मूल शर्त है कि चोरी करने वालों पर शिकंजा न कसे। वो, उसी रकम को घुमाते रहें और बाजार बढ़ाते रहें।     वैसे, अपने पी चिदंबरम साहब बाजार भगाने के पुराने उस्ताद हैं। 2014 में लोकसभा चुनाव हैं और ये 2013 की शुरुआत है यानी करीब डेढ़ साल का समय है। 2007 अक्टूबर का दूसरा पखवाड़ा पता नहीं कितने लोगों को याद है। यही पी चिदंबरम साहब वित्त मंत्री थे। शेयर बाजार अचानक धड़ाधड़ कर गिरने लगा था। सट्टेबाजों ने तेजी से निवेश निकालना शुरू कर दिया। और, उस समय भी पी

महिला सशक्तिकरण, मकर संक्रांति, नौकरी

मां-बाप के साथ वो मजबूत लड़की महिलाओं को घर के अंदर रहना चाहिए। लक्ष्मण रेखा नहीं लांघनी चाहिए। खाप जैसे तय करे वैसे चलें, तभी वो सुरक्षित हैं। मजबूत हैं। लेकिन, असल मजबूती महिलाओं की चाहिए तो, क्या करना चाहिए। वही महमूद ने जो, 70 के दशक में गा के कहा था। ना बीवी ना बच्चा ना बाप बड़ा ना भैया द होल थिंग इज दैट की भैया सबसे बड़ा रुपैया। ये था पुरुष सशक्तिकरण का फॉर्मूला। महिला सशक्तिकरण के लिए इस गाने में ना पति ना बच्चा ना बाप बड़ा ना भैया द होल थिंग इज दैट की भैया सबसे बड़ा रुपैया। आज सुबह मकर संक्रांति पर घर से खिचड़ी खाकर निकला। पत्नी ने परंपरा के लिहाज से काली उड़द की दाल, चावल, घी और दक्षिणा के साथ निर्देश दिया कि इसे मंदिर में जाकर पंडितजी को दे दीजिए। अच्छा हुआ मैं चला गया। मंदिर में पंडित जी को खिचड़ी, दक्षिणा पकड़ाकर निकल रहा था कि एक लड़की व्हीलचेयर पर मंदिर की सीढ़ियों से भगवान को प्रणाम कर रही थी। लड़की के साथ उसके मां-बाप भी थे। एक दूसरी महिला आई। संवेदना जताते हुए कहा लड़की को काफी तकलीफ है और उसकी वजह से आप लोगों को भी। पोलियोग्रस्त लड़की की मां ने तुरंत पलटकर कड़

ये मामला इतना सीधा नहीं है !

दुष्कर्म की घटना के अकेले चश्मदीद को जी न्यूज एडिटर ने अपने पत्रकारीय पुनर्जन्म के लिए इस्तेमाल किया है। ये बहस चल रही है। बहस ये भी कि ऐसे संवेदनशील मसले की भी पैकेजिंग बड़ी घटिया हुई है। हमें लगता है कि ये दोनों बातें काफी हद तक सही हो सकती हैं। लेकिन, मेरी सामान्य बुद्धि इस घटना में इसलिए जी के साथ है क्योंकि, सुधीर ने जो किया ये उसे करना ही चाहिए। बड़ा दाग धोने का मौका जो उसके पास है। लेकिन, य ... े साहस दिखाने के बजाए टीवी के महान संपादक सरकारी स्थिरता पर क्यों लामबंद हैं। अब ये इंटरव्यू तो हमेशा सरकार पर उंगली उठाता रहेगा। दूसरी बात टीवी इतना ही संवेदनशील रहता है कि किसी भी घटना की पैकेजिंग अतिमहत्वपूर्ण होती है। कितनी भी संवेदनशील खबर पर घंटों न्यूजरूम में इस बात पर खर्च होते हैं कि कौन सा संगीत या गाना लगे कि और ज्यादा लोग इससे जुड़ जाएं। ये बहसें छोड़िए। सुधीर को दोषी ठहराते रहिए, जरूरी है। लेकिन, इस मुद्दे पर जी के साथ आइए, उसके साहस को सलाम कीजिए। वरना सरकारी चाबुक तो, तैयार है ही। जो, लोग इसे कानून के खिलाफ बता रहे हैं उनकी जानकारी के लिए सिर्फ ये लड़का ही नहीं। उस लड़की