राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा दिया कि उन्हें कॉण्टिनेंटल एयरलाइंस ने कोई माफीनामा नहीं भेजा है। अभी तक तो ये था कि कलाम साहब से एयरलाइंस ने माफीनामा मांग लिया है। लेकिन, ये भी बता दिया है कि आगे भी वो उनकी सुरक्षा जांच करने से बाज नहीं आएगी। अब तो लीजिए साहब ये साफ हो गया कि कलाम से एयरलाइंस ने माफी भी नहीं मांगी।
इस पर विपक्ष ने खूब हंगामा मचाया। एयरलाइंस का लाइसेंस रद्द करने की मांग तक कर डाली। लेकिन, अपने देश में अब विपक्ष की बात पर सत्ता पक्ष तो क्या कोई भी लोड नहीं लेता। नया फंडा है सिर्फ हंगामा करने के लिए कर रहे हैं। लोगों को ये बड़ा मुद्दा भी नहीं लगता। सुरक्षा जांच के नाम पर कलाम साहब के जूते उतरवाने और लाइन में खड़ा रखने की खबर पर मीडिया ने नया सवाल उछाला।
क्या ये वक्त नहीं आ गया है कि VIP को सुरक्षा जांच से छूट मिलनी बंद होनी चाहिए?
अमेरिकी एयरलाइंस कुतर्क कर रही है कि 'वो ट्रांसपोर्ट सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के नियमों के मुताबिक, एयरक्राफ्ट में चढ़ने से ठीक पहले एयरोब्रिज पर सुरक्षा जांच जरूरी है। और, अमेरिका से दुनिया भर में जाने वाली सभी उड़ानों में ये नियम लागू है। इस नियम से किसी को छूट नहीं है। '
मेरा सवाल ये है कि क्या हिलेरी क्लिंटन, बिल क्लिंटन, जॉर्ज बुश और अभी ओबामा की भी उसी तरह जांच होती है जैसे कलाम साहब की की गई है? मुझे नहीं लगता। देश में अचानक तटस्थ हो गए लोग ये सवाल तो उठा रहे हैं कि बेवजह छोटी सी बात पर विपक्षी हंगामा कर रहे हैं। लेकिन, क्या हमारी सरकार ये भी साहस दिखा सकती है कि अगली बार कोई भी अमेरिकी या कोई और तथाकथित VIP हमारे देश की किसी एयरलाइंस में सफर करे तो, उसकी भी सुरक्षा जांच उसी तरह से हो जैसे कलाम की हुई।
देश की दशा-दिशा को समझाने वाला हिंदी ब्लॉग। जवान देश के लोगों के भारत और इंडिया से तालमेल बिठाने की कोशिश पर मेरे निजी विचार
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Friday, July 24, 2009
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जिम में रामधुन, जन्माष्टमी प्रभाव
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