सुप्रभात राम राम
भारत अद्भुत है और हम भारतीय भी आमतौर पर सुबह की सैर ही मुझे रुचती है, लेकिन बीच-बीच में जिम में भी जाता हूं। जिम में ट्रेडमिल पर चलने और पार्क या बाहर टहलने में एक अंतर तो यही होता है कि, टहलते हुए आपको बाहर की प्राकृतिक हवा मिलती है, एसी वाली नहीं।दूसरा जिम में जो संगीत चल रहा होता है, जिम करने वालों की उत्तेजना भले बढ़ाता हो, मन स्वस्थ, शांत करने वाला तो नहीं ही होता है। सोचिए, जिम में सुबह-सुबह सुनने को मिले- चार बोतल वोदका, काम मेरा रोज़ का ना मुझको कोई रोके, ना किसी ने रोका एक और बोल सुनने को मिला- है घर, है पैसा, है गाड़ी दो जोड़ों में लड़की भेजो, लडकी हुई हमारी इसी गाने के कुछ और बोल सुनिए हेलो, अंकल, नमस्ते, चलो काम की बात पे आते हैंअब आप ये पूछेंगे कि आप कितने पैसे कमाते हैं?बस जितना आपकी बेटी एक महीने में उड़ाती हैएक हफ़्ते में मेरी गाड़ी उतना तेल खाती है! अब यह सब सुनते सुबह मन शांत, स्वस्थ होगा या मन किसी और दिशा में जाएगा। आप तय करिए। जिम के बड़े लाभ भी हैं। बारिश, बहुत गर्मी और बहुत सर्दी में जिम आपका शरीर स्वस्थ, चैतन्य रखने में सहायता करता है। नियमित अभ्यास बना रहता है। कम समय में अधिक दूरी ट्रेडमिल पर तय हो जाती है और कैलोरी भी अधिक खर्च कर सकते हैं। यह विचार हमारे मन में बहुत पहले आया था, लेकिन आज सुबह नीचे उतरा तो सैर के लिए पार्क जाने के बजाय जिम में चला गया और वहीं से इस लंबी पोस्ट की नींव पड़ गई। जिम में पहले तो तेज रफ्तार वाले गाने बज रहे थे। फिर कृष्ण धुन बजने लगी और आधे घंटे का मेरा ट्रेडमिल पूरा होते रामधुन बजने लगी। इसी समय का वीडियो साझा कर रहा हूँ और इसीलिए कह रहा हूँ कि, भारत और हम भारत के लोग, अद्भुत हैं। जिम में भी रामधुन बजा लेते हैं और हमें राम-कृष्ण-शिव से अलग करने के लिए फर्जी सेक्युलर जब प्रयास करते हैं तो इनके ऊपर दया आती है। यह हजारों बरसों की संस्कृति से तैयार हुआ भारत है। यह किसी नियम-कानून से नहीं बना है। यह मानस तैयार होने में, हमारा अस्तित्व होने में इस भूमि का प्रभाव है। राम में रमे भारत को जब कोई यह कहकर नकारने की कोशिश करता है कि, राम मंदिर बनने से क्या हो जाएगा? राम मंदिर में चढ़ावा चोरी नीच कर्म हुआ। मनुष्य लोभी होता है, कर गुज़रता है। उसकी सजा उसे कानूनी और ईश्वरीय तौर पर भी मिलेगी, लेकिन इस बहाने राम और राष्ट्र पर हमला करने की कोशिश करने वाले भारत को समझ ही नहीं पा रहे हैं। आप भारत कहते हैं, भारत को पहचानते हैं तो उसकी वजह हिन्दू ही है। हिन्दू और सिर्फ हिन्दू, बाकी आयातित पंथों के मानने वालों की पहचान भी राम और राष्ट्र ही है। नकारने की कोशिश करते सैकड़ों बरस बीत गए। राम और राष्ट्र को नकारना काम नहीं आया। राम और राष्ट्र से हम भारतीयों का जुड़ना ईसाई, मुसलमान या किसी से भी टूटना नहीं है। हम राम के वंशज हैं। हमारा अस्तित्व राम से शुरू होता है और राम में ही विलीन होता है। सुबह-सुबह जिम में सुनी रामधुन अब पूरे दिन मेरे मस्तिष्क में बजती रहेगी। रामजी सबका भला करें। #harshvardhantripathihttps://x.com/MediaHarshVT/status/2096086785193566322?s=20
