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के जरिए मुम्बई को देखते लोगों को लग रहा होगा कि मुम्बई पूरा बारिश में भीगा/डूबा हुआ है। लेकिन,
ऐसा है नहीं। बारिश हो रही है, लगभग रोज ही। लेकिन, ऐसी भी झमाझम वाली नहीं हो रही
है। हां, इतनी बारिश जरूर हो रही है कि मुम्बई के लिए रेल या सड़क, किसी भी रास्ते
से जाते चारों तरफ नदियां, जलाशय लबालब भरे मिलेंगे। इतना पानी बरस चुका है। प्रकृति
ने साल भर के लिए पानी का इन्तज़ाम कर दिया है। इसे सम्भालने की ज़िम्मेदारी
तुम्हारी है मुम्बईकरों। लबालब भरे पानी के समय जल संरक्षण की सोचना/करना चाहिए।
वरना मार्च आते फिर पानी पानी चिल्लाओगे। ये मसला कितना गम्भीर है, इसका अन्दाजा इससे लगाकि 3 दिन ठाणे में रहते 2 दिन पानी समय से नहीं आया।
देश की दशा-दिशा को समझाने वाला हिंदी ब्लॉग। जवान देश के लोगों के भारत और इंडिया से तालमेल बिठाने की कोशिश पर मेरे निजी विचार
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